हाउसिंग सेल्स 67 प्रतिशत गिरी



जयपुर/नई दिल्ली। कोरोना का बुरा असर हर उद्योग पर पड़ा है, लेकिन रियल एस्टेट भी इससे अछूता नहीं रहा है। जहां बिल्डर्स के लिए कंस्ट्रक्शन में समस्याएं आने लगी हैं, वहीं सेल्स में भी सभी कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ताजा शोध के आंकड़ों को देखें, तो भारतीय बाजार में रियल एस्टेट हाउसिंग सेल्स में बीते एक साल में करीब 67 प्रतिशत कमी आ गई है। ऐसा माना जा रहा है कि नोटबंदी के बाद लगातार रियल एस्टेट बाजार मार झेल रहा है, जिसमें कोविड 19 पांचवी चोट कर गया है। यानी इससे पहले और नोटबंदी सहित चार बार बाजार उतार-चढ़ाव झेलता रहा है।

प्रॉप इक्विटी की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 2019 में भारत के नौ बड़े शहरों में अप्रेल से जून की तिमाही में कुल 64,378 हाउसिंग युनिट्स बेची गई थी, लेकिन इस साल अप्रेल से जून की तिमाही में यह 21,294 पर ही रह गई है। बाजार में कोरोना का सेल्स पर भारी असर पड़ा बताया जा रहा है, जिसकी वजह से इस हाउसिंग सेल्स में करीब 67 प्रतिशत गिरवाट दर्ज की गई है। इस सेल्स के गिरने से कई बिल्डर्स की हालत खस्ता हो गई है। कुछ बिल्डर्स बाजार में हाथ तक खड़े करने को तैयार हैं। प्रॉपर्टी कंसल्टेंट फर्म एनारॉक की मानें, तो देश के सात बड़े शहरों में अप्रेल से जून 2020 की तिमाही में 12,740 सेल्स का आंकड़ा ही दर्ज किया गया है, जो रियल एस्टेट के औसत सेल्स के लिहाज से चिंताजनक है।

गुडग़ांव में यह सेल्स 79 प्रतिशत तक गिरी है और यहां बीते साल इसी तिमाही में जहां 1707 सेल्स हुई थी, वहीं इस साल यह आंकड़ा मात्र 361 सेल्स का ही दर्ज किया गया है। चेन्नई और हैदराबाद में भी हालत कुछ ठीक नहीं हैं, यहां कुल 74 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। गौरतलब है कि पीई एनालिटिक्स् की कंपनी प्रॉप इक्विटी रियल एस्टेट में डाटा एनालिसिस में खास पहचान रखती है। हाल ही प्रॉप इक्विटी की ओर से देश के 44 शहरों में 1,18,010 प्रोजेक्ट्स और 34,217 डेवल्पर्स पर अध्ययन किया गया है।
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