रामस्वरूप किसान को वर्ष 2019 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार





जयपुर। परलीका के सुविख्यात साहित्यकार रामस्वरूप किसान को वर्ष 2019 का साहित्य अकादेमी पुरस्कार दिया जाएगा। बुधवार को केंद्रीय साहित्य अकादेमी नई दिल्ली की तरफ से इसकी घोषणा की गई। किसान को पुरस्कार स्वरूप एक लाख रुपए की राशि, स्मृति चिन्ह व शॉल भेंट किए जाएंगे।

साहित्य अकादेमी प्रतिवर्ष 24 भारतीय भाषाओं के साहित्यकारों को पुरस्कृत करती है। किसान को राजस्थानी भाषा में प्रकाशित उनकी कथाकृति 'बारीक बात' के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। अकादेमी के राजस्थानी भाषा परामर्श मण्डल के संयोजक मधु आचार्य ने किसान को दूरभाष पर यह सूचना दी। डॉ. अर्जुनदेव चारण, डॉ. अम्बिकादत्त व सीएल सांखला इस पुरस्कार के निर्णायक थे।

किसान की अब तक एक दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा वे कथा प्रधान राजस्थानी तिमाही 'कथेसर' के संपादक भी हैं। उन्हें साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार, राजस्थानी भाषा-साहित्य एवं संस्कृति अकादमी का मुरलीधर व्यास राजस्थानी कथा पुरस्कार व कथा-दिल्ली का कथा पुरस्कार सहित अनेक मान-सम्मान मिल चुके हैं। राजस्थान विश्वविद्यालय-जयपुर तथा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-राजस्थान, अजमेर के पाठ्यक्रम में उनकी राजस्थानी कहानी 'गा कठै बांधूं', राजस्थान विद्यापीठ यूनिवर्सिटी उदयपुर में कविता संग्रह 'आ बैठ बात करां' तथा क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बैंगलोर (कर्नाटक) व महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी कोट्टायम (केरला) के पाठ्यक्रम में राजस्थानी कहानी 'दलाल' का अंग्रेजी अनुवाद 'द ब्रोकर' शामिल है। वहीं उनकी कहानी 'दलाल' नब्बे के दशक की भारतीय भाषाओं की 11 सर्वश्रेष्ठ कहानियों में शामिल रही है। किसान को यह पुरस्कार मिलने पर ग्रामीणों, साहित्यकारों तथा पाठकों ने खुशी जताई है।
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