उदयपुर। धर्मार्थ संगठन नारायण सेवा संस्थान ने कोरोना वायरस की महामारी के प्रकोप को फैलने से रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दिव्यांग लोगों के कल्याण और उनकी बेहतरी के काम में जुटे नारायण सेवा संस्थान ने राष्ट्रव्यापी तालाबंदी की घोषणा के तुरंत बाद मौजूदा मुश्किल समय में लोगांे की मदद के लिए नए कदम उठाए।
आपको बता दें कि नारायण सेवा संस्थान ने कोविड - 19 के खिलाफ लड़ाई में सरकार के साथ कदम मिलाते हुए 2 लाख रुपए की राशि राजस्थान मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई है। संस्थान ने इस राशि का चैक हाल ही सूचना-प्रौद्योगिकी विभाग, राजस्थान सरकार की डिप्टी डायरेक्टर शीतल अग्रवाल को सौंपा।
इस बीच, संस्थान में रहने वाले दिव्यांग लोगों ने कोविड - 19 मास्क तैयार करने का बीड़ा उठाया, जिन्हें उदयपुर में आश्रय घरों में रहने वाले वंचित वर्ग के लोगांे और पुलिस कर्मियों को वितरित किया जाएगा। नोवल कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए संस्थान में 2000 मास्क बनाए गए हैं, जो पुलिस अधिकारी डाॅ हनवंत सिंह पूरे उदयपुर में निशुल्क वितरित करेंगे। पहल के एक भाग के रूप में, नारायण सेवा संस्थान की टीम हर दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन के 2000 पैकेट वितरित कर रही है।
संस्थान द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए नारायण सेवा संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा, ‘‘मौजूदा संकट की घड़ी में यह जरूरी है कि हम एक समुदाय के रूप में सहयोग करें और सामूहिक रूप से एक दूसरे की यथासंभव मदद करने के लिए काम करें। एक तरफ हम इस बात से सहमत हैं कि इस वैश्विक महामारी के खिलाफ लड़ने के लिए एक पूर्ण तालाबंदी की आवश्यकता है, दूसरी तरफ हम यह भी समझते हैं कि समाज के कुछ निश्चित वर्ग ऐसे हैं जिनके पास अपने और अपने प्रियजनों की रक्षा के लिए पर्याप्त साधन नहीं हैं। हम नहीं चाहते कि कोई भी शहर में भूखा सोए।‘‘उन्होंने आगे कहा, ‘‘हमारी टीम हालात को संभालने के लिए लगातार काम कर रही है और शहर में स्थानीय पुलिस टीम और जरूरतमंद लोगों की भी हर संभव सहायता कर रही है। कोरोना से उपजी महामारी पूरी दुनिया में फैल गई है और अब भी यह तेजी से फैल रही है। इसलिए, हर एक की रक्षा करना बहुत महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में आने वाले दिनों में हम इस तरह की और पहल करेंगे।‘‘
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